चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को पुझल सेंट्रल जेल का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ कैदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। पुझल जेल भारत के बड़े जेल परिसरों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने जेल में विचाराधीन कैदियों, सजा प्राप्त कैदियों और महिला बंदियों के लिए मौजूद व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल अस्पताल, आगंतुक कक्ष, नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, महात्मा गांधी कम्युनिटी कॉलेज की कक्षाओं, पुस्तकालय, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों का जायजा लिया।
शिक्षा और पुनर्वास पर जोर
विजय ने अधिकारियों से कहा कि कैदियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार शिक्षा, सुधार और व्यावसायिक प्रशिक्षण के अवसर दिए जाने चाहिए। उन्होंने पढ़ने के महत्व पर भी जोर देते हुए जेल में पर्याप्त संख्या में किताबें उपलब्ध कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल में आने वाले लोगों को केवल सजा तक सीमित न रखते हुए उनके सुधार और समाज में दोबारा शामिल होने के लिए अवसर देना जरूरी है।
कैदियों के बनाए उत्पाद देखे
निरीक्षण के दौरान विजय ने जेल के व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र का भी दौरा किया। यहां कैदियों द्वारा तैयार किए जा रहे लोहे के सब्जी रैक, कागज के लिफाफे और ऑफिस फाइल कवर सहित अन्य उत्पादों को देखा। उन्होंने पावरलूम और सिलाई इकाइयों में तैयार सामान का भी निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी खुद जांची और उनसे सुविधाओं तथा उनकी जरूरतों के बारे में बातचीत की।
पुझल पुलिस स्टेशन भी पहुंचे
पुझल सेंट्रल जेल के बाद मुख्यमंत्री M-3 पुझल पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने थाना प्रभारी से पुलिस स्टेशन के कामकाज और शिकायतों से जुड़े मामलों की जानकारी ली। उन्होंने स्टेशन के रिकॉर्ड, सब-इंस्पेक्टर कक्ष, कंप्यूटर रूम और लॉक-अप का भी निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण को सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति जानने की उनकी पहल के तौर पर देखा जा रहा है।







