बैतूल: मध्यप्रदेश के बैतूल जिला जेल में बंदियों से मुलाकात करने पहुंचने वाले उनके परिजनों और अधिवक्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। शिकायतों के बाद जिला अधिवक्ता संघ ने जेल प्रशासन को पत्र भेजकर संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के व्यवहार की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पत्र की प्रतियां जेल महानिरीक्षक, भोपाल और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बैतूल को भी भेजी गई हैं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अशोक वर्मा की ओर से जेल अधीक्षक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से बंदियों के परिजनों और अधिवक्ताओं की ओर से जेल में मुलाकात के दौरान परेशान किए जाने और कथित अभद्र व्यवहार की शिकायतें मिल रही हैं। आरोप है कि बंदियों से मुलाकात अथवा वकालतनामा लेने के लिए जेल पहुंचने वाले लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
संघ ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए अपने पक्षकारों से मुलाकात कर प्रकरण से संबंधित आवश्यक जानकारी लेना न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुलाकात में अनावश्यक विलंब होने से अधिवक्ताओं को मामलों की तैयारी और पैरवी में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिवक्ता संघ के सचिव बलदेव कुमार महाजन ने कहा कि वकीलों का दायित्व अपने पक्षकारों से मिलकर उनके मामलों की जानकारी लेना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी करना है। मुलाकात के दौरान अनावश्यक रोक-टोक या असुविधा से न्यायिक कार्य प्रभावित होता है। इसी कारण संघ ने जेल अधीक्षक से शिकायतों का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
अधिवक्ता संघ ने जेल में बंदियों से मिलने की व्यवस्था सुचारू बनाने तथा अधिवक्ताओं और उनके पक्षकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है। संघ ने कहा कि सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करते हुए बंदियों और उनके वकीलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर मुलाकात की सुविधा मिलनी चाहिए। मामले में जेल प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है। जेल प्रशासन की प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही आरोपों और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







