
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) परिसर में बन रही 100 बेड वाली क्रिटिकल केयर यूनिट की शुरुआत इस साल अक्टूबर तक होने की संभावना है। यूनिट का निर्माण काम लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। सितंबर में निर्माण कामों का निरीक्षण करने के बाद इसे अस्पताल प्रशासन को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।यह अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट गंभीर रूप से बीमार और आपातकालीन मरीजों का इलाज करेगी।यूनिट अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस होगी। यूनिट में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) , आइसोलेशन वार्ड, और उच्च निर्भरता इकाई (एचडीयू) जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के निर्माण काम की कुल लागत 44 करोड़ 50 लाख रुपए है। जिसमें निर्माण काम के लिए 30 करोड़ और शेष धनराशि उपकरणों को खरीदने के लिए है। पीएम मोदी द्वारा फरवरी 2024 में वर्चुअली प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 100 बेड किटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक का शिलान्यास किया गया था।
यूनिट के प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर सुविधा के साथ-साथ ऑक्सीजन की केंद्रीकृत आपूर्ति व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों और अति-गंभीर मरीजों को बिना समय गंवाए तत्काल जीवनरक्षक उपचार मिल सकेगा।मरीजों को जांच और त्वरित इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े, इसके लिए परिसर में ही विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। चिकित्सालय में एक एकीकृत निदान केंद्र स्थापित किया गया है जो 24 घंटे कार्य करेगा। यह केंद्र आधुनिक पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी लैब से पूरी तरह से लैस है। डेंगू, मलेरिया, कैंसर और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों की तुरंत जांच संभव हो सकेगी। आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त उपलब्ध कराने के लिए इसी परिसर में एक नया ब्लड बैंक भी स्थापित किया गया है।क्रिटिकल केयर यूनिट की शुरुआत होने से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को जांच और इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यूनिट के ठीक बगल में डायग्नोस्टिक सेंटर शुरू हो चुका है।
ऐसे में गंभीर मरीजों को एक ही जगह पर रेडियोलॉजी (एक्स-रे, सीटी स्कैन आदि) और पैथोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जांचें और उपचार उपलब्ध हो सकेगा। नई यूनिट में मरीजों को 24 घंटे उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिलेगी।मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के मुताबिक 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट का काम 90 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि सितंबर व अक्टूबर के भीतर यूनिट को संचालित कर दिया जाएगा। यह यूनिट गंभीर मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराएगी।






