
रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत कई जिलों में बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। गुरवार शाम से ही राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग ने रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट, जबकि पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में बारिश व वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
15 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश व वज्रपात की आशंका है। वहीं 16 अगस्त को भी गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
खूंटी में सबसे अधिक 52 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची में 12 मिमी बारिश हुई। लातेहार के चंदवा क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से धनरोपनी के लिए खेत गई 25 वर्षीय कलतिया देवी की मौत हो गई जबकि पिछले 15 दिनों में 20 से भी ज्यादा मौतें हुई है।
मूसलाधार बारिश से उफनाई दामोदर और भैरवी नदी, तांत्रिक घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गई है।शुक्रवार की सुबह से ही धीरे-धीरे दामोदर का पानी बढ़ता ही जा रहा है। दामोदर का पानी छिन्नमस्तिका मंदिर के उत्तरी भाग स्थित मुंडनशाला के करीब पहुंच गया है। वही भैरवी नदी का जलस्तर भी बढा हुआ है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पतरातू डैम का फाटक खोले जाने के बाद दामोदर अपना रौद्र रूप भी दिखा सकता है। इस संभावना के बाद नदी के किनारे के दुकानदारों ने अपना अपना दुकान समेटना शुरू कर दिया है।
इधर, दामोदर भैरवी संगम स्थल पर पानी के तेज बहाव और जलस्तर बढ़ने के बाद छिन्नमस्तिका मंदिर न्यास समिति ने लोगों को अलर्ट करते हुए बेवजह नदी के किनारे नहीं जाने की अपील किया है।
वहीं कोयल नदी के ऊपरी क्षेत्र गुमला और लातेहार जिला में हुई भारी वर्षा के बाद पलामू की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोयल नदी उफान पर है। आज सुबह अचानक जलस्तर बढ़ने से पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर शहर के कई निचले और पिछड़े इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि रांची में बारिश की कमी 10 प्रतिशत दर्ज की गई है।






