
नयी दिल्ली: राज्यसभा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य जॉन ब्रिटास ने सत्ता पक्ष की एक महिला सदस्य पर उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया जिसके कारण सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्याें के बीच तीखी नोक झोंक हुई और सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
सदन में अलग-अलग मुद्दों को लेकर हंगामे के कारण मानसून सत्र में अब तक एक भी दिन शून्यकाल और प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारू ढंग से नहीं चल पायी है। इस सत्र का यह अंतिम सप्ताह है और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सत्र का गुरुवार यानी कल अंतिम दिन है। सदन में अब तक ज्यादातर कामकाज विपक्ष के हंगामे या बहिर्गमन के बीच ही हुआ है।
सभापति सी पी राधाकृष्णन ने विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद जैसे ही कार्यवाही शुरू की विपक्ष के सदस्य अपनी जगहों से उठकर जोर-जोर से बोलने लगे।
श्री राधाकृष्णन ने श्री ब्रिटास को अपनी बात रखने का मौका दिया । श्री ब्रिटास ने आरोप लगाया कि जब वह सदन में अपनी बात रख रहे थे तो सत्ता पक्ष की एक महिला सदस्य ने उनके पास आकर व्यवधान पैदा करने की कोशिश की और उन्हें बार-बार लुंगी वाला कहा। माकपा सदस्य ने कहा कि हम हम सभी भारतीय हैं और मुझे भारतीय तथा दक्षिण भारतीय होने , मलयाली बोलने और अपनी वेश भूषा पर गर्व है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता हमारे देश की पहचान है। उन्होंने कहा कि सदस्य का आचरण सदन और उनका अपमान है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि इस सदन में सभी सदस्य समान हैं और सभी भारतीय हैं।उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य ने कुछ अपमानजनक आचरण किया है तो सभापति सदस्य को अपने चैम्बर में बुलायें और उनसे बात कर इसका समाधान करें।
सभापति ने कहा कि यह मामला मेरी जानकारी में आया है और वह सभी सदस्यों से आग्रह करते हैं कि वे किसी सहयोगी सदस्य के साथ अपमानजनक व्यवहार न करें। सदस्य इस बात का ध्यान रखें कि उनकी बातों से दूसरे सदस्यों की भावना आहत न हो। उन्होंने संबंधित सदस्यों से उनके चैम्बर में आकर बात करने के लिए भी कहा।
सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि जब श्री ब्रिटास को अपनी बात रखने का मौका दिया गया है तो जिस सदस्य सुष्मिता देव पर आरोप लगाया गया है वह भी अपनी बात रखना चाहती हैं और उन्हें भी सदन में अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए।
इस बीच दोनों पक्षों के सदस्य एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे और सत्ता पक्ष की महिला सदस्यों ने एकजुट होकर विपक्ष के सदस्यों की बातों का प्रतिवाद किया। सभापति ने दोनों ओर के सदस्यों से शांत होने की अपील की लेकिन इसका असर न होते देख उन्होंने कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी।






