बेंगलुरु: जनता दल (सेक्युलर) ने रविवार को बायरामंगला से बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क तक ‘बिदादी बृहत्तर बेंगलुरु एकीकृत टाउनशिप’ परियोजना का विरोध करते हुए तीन दिवसीय पदयात्रा शुरू की। इस यात्रा का नेतृत्व जनता दल (एस) की युवा शाखा के राज्य अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी कर रहे हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राज्य अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने इस आंदोलन की शुरुआत की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस विरोध-प्रदर्शन को अपना नैतिक समर्थन दिया है और पार्टी के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हो रहे हैं।
पहले दिन का मार्च बायरामंगला से बिदादी तक लगभग नौ किलोमीटर की दूरी तय करेगा। यह पदयात्रा सोमवार को बेंगलुरु की ओर बढ़ेगी और मंगलवार को फ्रीडम पार्क पहुंचेगी, जहां जनता दल (एस) समापन कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है। जनता दल (एस) ने प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना को वापस लेने की मांग की है। पार्टी का तर्क है कि इस परियोजना से बिदादी इलाके के किसानों और कृषि भूमि पर बुरा असर पड़ेगा।
बिदादी और हारोहल्ली के बीच लगभग 7,481 एकड़ में फैली यह प्रस्तावित टाउनशिप, सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का एक बड़ा मुद्दा बन गई है। राज्य सरकार का कहना है कि जमीन का अधिग्रहण स्वैच्छिक होगा और किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि जो किसान जमीन के बदले मुआवजा चुनेंगे, उन्हें विकसित जमीन का 50 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, जबकि जो किसान नकद मुआवजा चाहेंगे, उन्हें प्रति एकड़ 3 करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे।
सरकार ने इस जारी विवाद के बीच टाउनशिप से जुड़ी चिंताओं की जांच करने और 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए उच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुहानथन नरेंदर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमिटी का गठन किया है। इसके बावजूद जनता दल (एस) ने जमीनी स्तर पर अपना अभियान तेज करने का फैसला किया है। तीन दिन की इस यात्रा का उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना है ताकि वह इस परियोजना पर पुनर्विचार करे और इसे वापस ले ले।







