Home बिहार हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी! सड़क निर्माण पर ग्रामीणों का हंगामा

हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी! सड़क निर्माण पर ग्रामीणों का हंगामा

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High Court order ignored! Villagers create a ruckus over road construction.

पटना: बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत फोरलेन से रवाईच गांव होते हुए एसएच-106 तक बनाई जा रही पीसीसी सड़क को लेकर ग्रामीणों ने विभाग और ठेकेदार पर हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से बनी पीसीसी सड़क की पुरानी परत को हटाए बिना उसके ऊपर नई ढलाई कर दी गई है। इससे सड़क की ऊंचाई बढ़ रही है, जबकि आसपास के घर सड़क के स्तर से नीचे हो गए हैं। उनका कहना है कि इससे बारिश के दौरान घरों के सामने जलजमाव की समस्या उत्पन्न होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि यह निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं किया जा रहा है।

ग्रामीण संजय सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य गलत तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने संबंधित अभियंता (इंजीनियर) से शिकायत की, लेकिन अभियंता का कहना था कि पुरानी ढलाई के ऊपर ही नई ढलाई की जानी है। संजय सिंह का दावा है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पुरानी ढलाई को तोड़कर उसका मलबा हटाने के बाद ही नई ढलाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं है।

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कार्यस्थल पर मौजूद जूनियर इंजीनियर (जेई) ने बताया कि एस्टीमेट में प्रोफाइल करेक्शन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में प्रोफाइल करेक्शन के बाद ही नई सड़क बनाई जाती है। यदि कहीं अधिक समस्या होती है, तो वहां डिस्मेंटलिंग (पुरानी सड़क हटाकर) सड़क का निर्माण किया जाता है। उनके अनुसार, यह कार्य स्वीकृत एस्टीमेट के अनुरूप किया जा रहा है। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश से जुड़े सवाल पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी पुरानी पक्की या ढलाई वाली सड़क के ऊपर उसकी पुरानी परत (स्ट्रक्चर) को तोड़े या हटाए बिना नई ढलाई नहीं की जा सकती। उनका दावा है कि अदालत की सख्ती के बाद सरकार और नगर निकायों ने भी यह व्यवस्था की है कि सड़क की ऊंचाई घरों और नालियों के स्तर से अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि जलजमाव जैसी समस्याएं उत्पन्न न हों।