चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ कथित धमकी एवं अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार द्रमुक विधायक जी.वी. मार्कंडेयन की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई 27 जुलाई तक टाल दी है। पुलिस ने इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था।
विधायक मार्कंडेयन ने गुरुवार को जमानत याचिका खारिज होने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया था। इससे पहले थूथुकुडी की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने उनकी ज़मानत अर्ज़ी और पुलिस की उस अर्ज़ी को खारिज कर दिया था जिसमें पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगी गई थी।
थूथुकुडी ज़िला अपराध शाखा ने विपक्षी द्रमुक विधायक को कोविलपट्टी में एक जनसभा के दौरान की गई टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया था। ज़िला पुलिस कार्यालय में उनसे 12 घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की गई थी, जिसके बाद थूथुकुडी की न्यायिक मजिस्ट्रेट-I सुमति ने उन्हें तीन अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। कल शाम न्यायमूर्ति जी.के. इलांतिरायन (चुने हुए विधायकों और सांसदों से जुड़े मामलों) ने विधायक की याचिका पर सुनवाई की और इसे सोमवार (27 जुलाई) तक टाल दिया।







