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बलबीर सिद्धू की मांग- निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की इलाज दरें तय करे पंजाब सरकार

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Balbir Sidhu demands that the Punjab government fix treatment rates for private super-specialty hospitals.

मोहाली: पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने राज्य सरकार से मांग की है कि निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में इलाज के बढ़ते खर्च पर रोक लगाने के लिए उपचार की दरें तय की जायें। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार ने निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने के लिए जिला स्तर पर नियामक समितियां बनायी हैं, उसी तरह अस्पतालों के लिए भी नियामक व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। श्री सिद्धू ने बुधवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि राज्य के अधिकांश बड़े निजी अस्पताल व्यावसायिक मॉडल पर चल रहे हैं, जहां डॉक्टरों के लिए लक्ष्य तय किये जाते हैं और उन्हें हिस्सेदारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए कोई प्रभावी नियामक तंत्र मौजूद नहीं है।


पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना को विफल बताया और कहा कि पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ इस योजना के लाभार्थियों को उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं करा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के गंभीर मरीजों को सरकारी अस्पतालों से पीजीआईएमईआर रेफर किया जाता है, लेकिन वहां योजना मान्य नहीं होने के कारण उन्हें इलाज नहीं मिल पाता, जबकि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों को वहां सेवाएं मिल रही हैं।

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श्री सिद्धू ने कहा कि पंजाब में मधुमेह (डायबिटीज) और उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा किडनी फेल होने और कैंसर के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हो रही है, लेकिन राज्य सरकार के पास इन बीमारियों से निपटने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने चुनावी घोषणा पत्र में प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया था, लेकिन मौजूदा सरकारी अस्पतालों को भी बेहतर बनाने में सरकार विफल रही है।


श्री सिद्धू ने कहा कि वर्ष 2020 में कांग्रेस सरकार के दौरान, जब वह स्वास्थ्य मंत्री थे, तब डॉ. के.के. तलवार समिति की सिफारिशों पर निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कोरोना उपचार की दरें तय की गयी थीं। उस समय इलाज का अधिकतम शुल्क 18 हजार रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया था, जिसमें आइसोलेशन बेड, आईसीयू और अस्पताल में भर्ती का खर्च शामिल था। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में सभी प्रकार के उपचार की दरें निर्धारित करे, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। श्री सिद्धू ने साथ ही सरकार से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में भी मरीजों को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाये जायें।