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पीएम मोदी ने कामराज को दी श्रद्धांजलि, राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद

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PM Modi pays tribute to Kamaraj, remembers his contribution to nation building

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि शिक्षा, समावेशी विकास और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए उनका आजीवन समर्पण आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने श्री कामराज को एक असाधारण जननेता बताते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण किया।


श्री मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में श्री कामराज को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक दिग्गज नेता बताया, जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र-निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, “थिरु के. कामराज जी को उनकी जयंती पर नमन करता हूं। देशर के स्वतंत्रता संग्राम के दिग्गज और एक असाधारण जन-नेता के रूप में उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र-निर्माण के लिए समर्पित किया। शिक्षा, समावेशी विकास और वंचित वर्गों के कल्याण जैसे क्षेत्रों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।”

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श्री कामराज को पेरुंथलैवर (महान नेता) के रूप में सम्मानित किया जाता है। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई और बाद में देश के सबसे सम्मानित राजनीतिक नेताओं में से एक बनकर उभरे। वर्ष 1954 और 1963 के बीच तत्कालीन मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में दूरगामी सुधार किए, जिनमें ग्रामीण इलाकों में स्कूलों का विस्तार और मध्याह्न भोजन कार्यक्रम की शुरुआत शामिल थी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के स्कूल में दाखिले में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।


श्री कामराज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 1963 में उन्होंने ‘कामराज योजना’ प्रस्तुत की, जिसके तहत कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने अपने मंत्री पदों से इस्तीफा दिया। इस पहल से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिली। पंडित जवाहरलाल नेहरू और श्री लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद दो प्रधानमंत्रियों को चुनने में उनकी अहम भूमिका थी। पंद्रह जुलाई 1903 को मौजूदा समय के तमिलनाडु के विरुधुनगर में जन्मे कामराज जीवन भर जनसेवा से जुड़े रहे। देश के लिए उनके लंबे समय तक दिए गए योगदान को देखते हुए 1976 में उन्हें मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी श्री कामराज की सादगी, ईमानदारी और समाज कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।