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बाढ़ तैयारियों में लापरवाही पर सख्त चेतावनी, निषाद बोले- अक्षम्य अपराध माना जाएगा

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Strict warning against negligence in flood preparedness, Nishad said – it will be considered an unforgivable crime

बांदा: उत्तर प्रदेश के जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि पूर्व में ही बाढ़ तैयारियों की चाक चौबंद व्यवस्था की जाए अन्यथा किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिले के पैलानी तहसील के नान्दादेव गांव के मजरा शंकर पूरवा में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ के पूर्व बचाओ और तैयारियों आदि के संबंध में बीती देर शाम एक चौपाल आयोजित की गई।

\जिसमें प्रदेश के जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, जिलाधिकारी अमित आसेरी, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल सहित सभी अधिकारियों ने सहयोगिता करते हुए ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ से बचाव की तैयारियो की समीक्षा की। इस अवसर पर राज्य मंत्री निषाद ने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सभी विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य करें। समय रहते प्रत्येक दशा में व्यवस्थाएं पूरी की जाए। जल भराव वाले कच्चे रास्ते में मिट्टी डलवाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया की बाढ़ प्रबंधन में हीला हवाली व लापरवाही किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। चौपाल में ग्रामीणों ने पशुओं की टैगिंग, अस्थाई शौचालय, चकरोड से अतिक्रमण हटाने, ढीले विद्युत तारों को दुरुस्त करने व घर के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज विद्युत लाइन हटाने की मांग की। राज्य मंत्री ने सभी समस्याओं के निस्तारण हेतु संबंधित को निर्देश दिए।

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राज्य मंत्री ने केन नदी में हो रहे कटान के प्रति संबंधित अधिकारियों को आगाह करते हुए पिचिंग कार्य शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में पीए सिस्टम एवं सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। जिससे संकट की समय सूचना तंत्र प्रभावी बना रहे। जसपुरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक पवन पटेल ने बताया कि क्लोरीन ,ब्लीचिंग पाउडर सहित सभी आवश्यक दवाओं के प्रबंधन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की 18 टीमें पूर्व में गठित की जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त चौपाल में बताया गया कि बाढ़ से पूर्व पशुओं के टीकाकरण, जियो टैगिंग, चारे, भूसे की समुचित व्यवस्था , जन जीवन सुरक्षा हेतु बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पुलिस और पी ए सी आदि का प्रबंध संभावित बाढ़ से पूर्व ही किया जा चुका है।


जिलाधिकारी ने प्रत्येक गांव के पांच जिम्मेदार नागरिकों की एक निगरानी समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह गठित निगरानी समिति बाढ़ गति विधि की सूचना परगना मजिस्ट्रेट को देगी। साथ ही बुधवार से तीन विशेष टीमें प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट की आख्या आपदा प्रबंधन सेल को उपलब्ध कराएगी। चौपाल में पर्याप्त मात्रा में नावों के प्रबंध करने के निर्देश के साथ सभी समस्याओं के प्रति सचेत रहने की आदेश दिए गए। जिससे पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।