
12 जून, एक साल पहले यानी वर्ष 2025 में यह वही तारीख थी, जब एअर इंडिया का अहमदाबाद से लंदन जा रहा विमान हवाई अड्डे से उड़ान भरने के चंद पलों के बाद हादसे का शिकार हो गया था। इस दुर्घटना ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। दरअसल, इस हादसे में 239 यात्रियों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। इस दुर्घटना की कड़वी यादें आज भी देशवासियों के जेहन में हैं। एक साल पूरा होने के बाद भी हादसे में शिकार हुए लोगों के परिजनों को आज तक यह नहीं पता चला कि उनके अपने कैसे एक विमान दुर्घटना का शिकार हो गए? आखिर इस पूरी घटना में चूक किसकी थी? मामले की जांच का क्या हुआ? केंद्र सरकार और अलग-अलग जांच एजेंसियों की तरफ से भी इस मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही हादसे की वजह बताने वाली रिपोर्ट को सामने रख सकती है। ऐसे में यह जानना अहम है कि 12 जून 2025 के दिन आखिर विमान हादसे का पूरा घटनाक्रम क्या था? इस हादसे को लेकर हुई जांच में जो शुरुआती रिपोर्ट जारी हुई, उसमें क्या-क्या कहा गया था? आखिर कैसे उस रिपोर्ट को लेकर विवाद शुरू हो गए? विमान हादसे को लेकर क्या-क्या कॉन्सपिरेसी थ्योरी सामने आईं? केंद्र सरकार की जांच किस मुहाने तक पहुंची?
12 जून 2025 को एअर इंडिया के बोइंग 787 विमान (वीटी-एएनबी) विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का घटनाक्रम सुबह से ही शुरू हुई तकनीकी खामियों और टेकऑफ के बाद महज 32 सेकंड के खौफनाक मंजर से जुड़ा रहा।
सुबह 9:48 बजे: इस विमान ने कैप्टन हरदीप देओल की कमान में उड़ान संख्या एआई 423 के रूप में दिल्ली से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरी थी।
सुबह 10:40-10:50 बजे: अहमदाबाद उतरने की प्रक्रिया के दौरान विमान में तकनीकी समस्याएं आईं। विमान के स्टेबलाइजर सेंसर ने गलत संकेत देने शुरू कर दिए और इसके अलावा एयर-कंडीशनिंग सिस्टम भी फेल हो गया था।
दोपहर 12:10 बजे: जमीन पर इंजीनियरों की तरफ से जांच के बाद विमान को अगली उड़ान यानी एआई-171 के लिए सुरक्षित घोषित करके क्लीयरेंस दे दी गई।
दोपहर 1:00 बजे: इस समय तक विमान में यात्री सवार हो चुके थे। हादसे में मारे गए एक यात्री के पिता ने बताया कि 1 बजे उन्होंने अपने बेटे से वीडियो कॉल पर बात की थी, जब वह फ्लाइट में बैठ चुका था।
दोपहर 1:23 बजे: कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर कॉकपिट में थे और विमान के इंजन चालू करके टैक्सी क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे थे। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि उस वक्त भी विमान में कुछ खराबियों की शिकायत सामने आई थीं।
टेकऑफ: विमान ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरी। टेकऑफ के तुरंत बाद: सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, विमान के हवा में जाते ही इसका आपातकालीन पावर स्रोत रैम एयर टरबाइन (आरएटी) तैनात हो गया था, जो किसी बड़े इलेक्ट्रिकल फेलियर का संकेत था। अगले 32 सेकंड के दौरान विमान केवल 630 फीट की ऊंचाई तक ही पहुंच पाया और धीरे-धीरे नीचे की ओर गिरने लगा।






