असम: असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान जारी है, वहीं कर्नाटक, त्रिपुरा और नगालैंड में उपचुनाव भी एक साथ हो रहे हैं। तीन राज्यों की चार सीटों पर हो रहे इन उपचुनावों में कर्नाटक की दो सीटें—बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण—जबकि त्रिपुरा और नगालैंड की एक-एक सीट शामिल है।
कर्नाटक के बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। शुरुआती दो घंटों में बागलकोट में 11.87% और दावनगेरे दक्षिण में 9.01% मतदान दर्ज किया गया। इन सीटों पर उपचुनाव पूर्व विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के कारण हो रहे हैं। बागलकोट में 319 मतदान केंद्रों पर करीब 25 लाख मतदाताओं के वोट डालने की उम्मीद है, जहां 9 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं दावनगेरे दक्षिण में 284 केंद्रों पर 23 लाख से अधिक मतदाता 25 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
राजनीतिक रूप से यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है। कांग्रेस जहां अपनी दोनों सीटें बचाने की कोशिश में है, वहीं भाजपा इन पर जीत दर्ज कर सत्तारूढ़ दल को झटका देने की रणनीति में है। कांग्रेस ने दिवंगत विधायकों के परिजनों को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने नए और पुराने चेहरों पर दांव खेला है।
उधर त्रिपुरा के उत्तर जिले की धर्मनगर सीट पर भी मतदान जारी है। यहां सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। यह सीट कांग्रेस और भाजपा के बीच लंबे समय से कड़ा मुकाबला देखती रही है। इस बार छह उम्मीदवार मैदान में हैं और मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, विभिन्न राज्यों में चल रहे चुनाव और उपचुनाव न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जिनके परिणाम आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।







