नयी दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग आज पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। इसके लिए नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है, जिसमें चुनाव आयोग इन राज्यों के लिए मतदान और मतगणना की पूरी समय-सारिणी जारी करेगा। इन सभी राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल जून 2026 तक समाप्त हो रहा है, इसलिए संवैधानिक नियमों के तहत उससे पहले चुनाव कराना जरूरी है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार सबसे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है। इसके बाद तमिलनाडु में 10 मई, असम में 20 मई, केरल में 23 मई और पुडुचेरी में 15 जून को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होगा। आयोग इन पांचों राज्यों की कुल 824 सीटों पर होने वाले चुनाव का कार्यक्रम घोषित करेगा, जिस पर देशभर की राजनीतिक पार्टियों और मतदाताओं की नजरें टिकी हुई हैं।
सबसे ज्यादा सीटें पश्चिम बंगाल में हैं, जहां 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे। यहां करीब 7 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें लगभग 3.6 करोड़ पुरुष और 3.4 करोड़ महिला वोटर शामिल हैं। पिछले चुनाव में यहां आठ चरणों में मतदान हुआ था और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं।
तमिलनाडु की 234 सीटों पर करीब 5.6 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे। पिछली बार यहां एक ही चरण में चुनाव हुआ था, जिसमें डीएमके ने 133 सीटें जीतकर सरकार बनाई और एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री बने। असम में 126 सीटें हैं, जहां करीब 2.4 करोड़ मतदाता हैं और पिछली बार तीन चरणों में चुनाव हुए थे।
वहीं केरल की 140 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी चुनाव कराए जाएंगे। इन पांच राज्यों के चुनावी कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही देश में एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज होने की संभावना है।







