- 14 से 18 वर्ष की किशोरियों को दिया जा रहा व्यावसायिक और रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण
- गयाजी में 6 स्थानों पर प्रशिक्षण केंद्र
पटना। केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के स्तर से किशोरी बालिकाओं के समग्र सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए एक विशेष पायलट कार्यक्रम “नव्या प्रोजेक्ट” की शुरुआत की गई है। यह पहल प्रधानमंत्री कौशल विकास मिशन के अंतर्गत कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सहयोग से चल रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य 14 से 18 वर्ष की किशोरियों को व्यावसायिक और रोजगारोन्मुखी कौशल में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसरों से जुड़ें। पहले चरण में योजना देश के 19 राज्यों के 27 जिलों से शुरू हुई है।
बिहार में यह कार्यक्रम गयाजी जिले में पांच जगहों- बोधगया, गुरारू, मानपुर, शेरघाटी, डुमरिया में संचालित है। योजना के अंतर्गत बालिकाओं का चयन पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण और आधार सत्यापन के आधार पर किया गया है। इन्हें विभिन्न क्षेत्रों जैसे फैशन डिजाइनिंग, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस, सोलर पीवी इंस्टॉलेशन (सूर्यमित्र), मर्चेडइजिंग, कस्टमर सर्विस, फूड एंड बेवरेज सर्विस आदि में प्रशिक्षित किया जा रहा है। जुलाई 2025 तक कुल 532 किशोरियां स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) पोर्टल पर पंजीकृत हो चुकी हैं, जिनमें शेरघाटी के अनुष्का स्किल एजुकेसन सेंटर में 80 किशोरियां फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।
गयाजी जिले में प्रशिक्षण के लिए चिन्हित स्थान
स्किल रूट एड टेक, पोस्टेरिटी कंसल्टिंग, अनुष्का स्किल एजुकेशन, एम्बिशाइन स्किल, आराधना ऑनलाईन सॉल्यूशन, जेएसएस गया इन संस्थानों द्वारा चयनित क्षेत्र में प्रशिक्षण सत्र संचालित किए जा रहे हैं। नव्या योजना के तहत लड़कियों को पारंपरिक के साथ-साथ गैर-पारंपरिक कामों की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। ऐसे मॉडर्न काम सिखाए जाएंगे, जिनकी आज के समय में ज्यादा जरूरत है, जैसे ग्राफिक्स डिजाइनिंग। इसके अलावा ड्रोन असेंबलिंग, सीसीटीवी लगाना, स्मार्टफोन टेक्निशियन और प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट जैसे क्षेत्रों में भी ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना के लिए न्यूनतम योग्यता 10 वीं पास होना जरूरी है।







