सासाराम(रोहतास)। सासाराम रेलवे सुरक्षा बल ने बड़ी कार्रवाई की है। कैमूर जिले के कर्मनाशा रेलवे स्टेशन के पास चोरी हुए रेलवे के महंगे उपकरण को आरपीएफ की टीम ने बरामद कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। दरअसल करीब डेढ़ से दो महीने पहले कर्मनाशा स्टेशन पर सीमेंट स्लीपर बदलने वाली मशीन की टीआरएम रेक से एक बीआरएन ब्रिज चोरी हो गया था। इस लोहे के भारी उपकरण की कीमत करीब तीन लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही थी। मामले को लेकर आरपीएफ पोस्ट सासाराम में रेल संपत्ति अधिनियम की धारा-3 के तहत अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली कि चोरी किए गए सामान को छुपाकर रखने वाले तीन लोग उसे निकालकर बेचने की फिराक में हैं। इसके बाद आरपीएफ सासाराम, आरपीएफ भभुआ और सीआईबी डीडीयू की संयुक्त टीम ने कर्मनाशा स्टेशन के उत्तर स्थित नरमा गांव के पास घेराबंदी कर एंबुश लगाया। रात करीब साढ़े बारह बजे तीन संदिग्ध लोग तालाब से भारी भरकम लोहे का सामान निकालते हुए दिखाई दिए। जब टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो तीनों आरोपी लोहे का सामान छोड़कर भागने लगे, लेकिन सुरक्षा बल के जवानों ने पीछा कर तीनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशिकांत कुमार उर्फ खब्बी, छोटू पासवान और उज्ज्वल कुमार के रूप में हुई है।
पूछताछ में तीनों ने कबूल किया कि उन्होंने मकर संक्रांति से पहले कर्मनाशा स्टेशन की लूप लाइन में खड़ी टीआरएम रेक से इस ब्रिज को खोलकर चोरी किया था और उसे रेलवे लाइन के उत्तर स्थित तालाब में छुपा दिया था। आरोपियों ने बताया कि आरपीएफ की लगातार छापेमारी के कारण वे इसे निकाल नहीं पा रहे थे। लेकिन जब मामला शांत लगा तो वे उसे निकालकर बेचने और उस पैसे से गांजा और शराब पीने की योजना बना रहे थे। फिलहाल आरपीएफ ने चोरी किया गया ब्रिज बरामद कर लिया है और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा। सासाराम आरपीएफ प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि चोरों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर सासाराम में कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।







