नयी दिल्ली: अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent के एक हालिया बयान को लेकर भारत की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दल Indian National Congress ने इस मुद्दे पर केंद्र की Government of India और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने झुककर देश की संप्रभुता से समझौता किया है।
दरअसल, स्कॉट बेसेंट ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के कहने पर भारत ने कुछ समय के लिए रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था। हालांकि, वैश्विक बाजार में तेल की कमी को देखते हुए भारत को फिलहाल फिर से रूस से तेल खरीदने की अनुमति दी गई है। इस बयान के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार के उस रुख पर सवाल उठाया है, जिसमें भारत लगातार यह कहता रहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर सस्ता रूसी तेल खरीद रहा है और किसी भी पश्चिमी दबाव के आगे नहीं झुका है।
कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्कॉट बेसेंट के इंटरव्यू की वीडियो क्लिप साझा करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी मंत्री का बयान भारत के आधिकारिक रुख से बिल्कुल अलग है। उनके मुताबिक, यदि यह बयान सही है तो यह साबित करता है कि भारत ने अमेरिकी दबाव के आगे झुककर फैसला लिया।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या वास्तव में रूस से तेल खरीद को लेकर कोई अंतरराष्ट्रीय दबाव था और भारत की नीति क्या रही है।
अब सबकी नजर Ministry of External Affairs, India की प्रतिक्रिया पर टिकी है। देखना होगा कि सरकार इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देती है और क्या वह अमेरिकी मंत्री के बयान का खंडन करती है या फिर इस मुद्दे को कूटनीतिक तरीके से संभालने की कोशिश की जाएगी।







