
पटना: बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar अब औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। जदयू सूत्रों के मुताबिक 8 मार्च को निशांत कुमार पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे और इसके साथ ही उन्हें पार्टी के भविष्य के नेतृत्व के तौर पर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस फैसले की जानकारी पहले ही पार्टी के विधायकों और विधान पार्षदों को दे दी गई है। 6 मार्च को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में नीतीश कुमार ने भी इस संबंध में अपनी राय साझा की थी। जदयू के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में निशांत कुमार को डिप्टी सीएम और गृह मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
निशांत के राजनीति में आने की तैयारी पिछले एक साल से चल रही थी। 2025 की होली के दौरान मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी सक्रियता पहली बार खुलकर सामने आई थी। उसी समय से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में निशांत कुमार राजनीति में आने के इच्छुक नहीं थे और उनकी रुचि आध्यात्म की ओर अधिक थी। लेकिन परिवार के सदस्यों और जदयू के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें समझाया कि पार्टी और “ब्रांड नीतीश” को बनाए रखने के लिए उनका राजनीति में आना जरूरी है। इसके बाद नेताओं और अधिकारियों की एक टीम ने उन्हें राजनीतिक प्रशिक्षण देना शुरू किया।
निशांत को बिहार की राजनीति समझाने के लिए नीतीश कुमार के 200 से अधिक भाषणों के वीडियो दिखाए गए। साथ ही समाजवादी विचारधारा को समझने के लिए Ram Manohar Lohia और Karpoori Thakur की विचारधारा से जुड़ी किताबें भी पढ़ाई गईं।
पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार पूरे बिहार का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं व आम जनता से संवाद करेंगे। माना जा रहा है कि यह कदम जदयू में नेतृत्व परिवर्तन को सहज बनाने और पार्टी को एकजुट रखने की रणनीति का हिस्सा है।






