
तमिलनाडु : तमिलनाडु की राजनीति में आगामी चुनावों से पहले हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर सीट बंटवारे को लेकर अभी औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सीटों को लेकर चर्चा तभी शुरू होगी जब भारत निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा।
इसी बीच, 11 मार्च को तिरुचिरापल्ली में एनडीए की एक विशाल जनसभा आयोजित होने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की उम्मीद है। इस रैली को आगामी चुनावों के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है। नागेंद्रन ने पूर्व मंत्री सी. विजयभास्कर के साथ रैली स्थल का निरीक्षण किया और बताया कि यह आयोजन एक बड़े सम्मेलन के रूप में किया जाएगा, जिसमें पांच लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन के लिए पंजप्पुर स्थित निजी जमीन और जी कॉर्नर ग्राउंड जैसे स्थानों पर विचार किया जा रहा है।
गठबंधन समीकरणों को लेकर सियासी अटकलें भी तेज हैं। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी की हालिया दिल्ली यात्रा और उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात पर नागेंद्रन ने कहा कि बैठक का उद्देश्य संबंधित नेताओं को ही पता है। वहीं, तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के एनडीए में शामिल होने की संभावना पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया।
दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन में भी गतिविधियां तेज हैं। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने भरोसा जताया कि दोनों दलों के बीच जल्द ही समझौता हो जाएगा और किसी तरह का भ्रम नहीं है।
इस तरह तमिलनाडु में चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं, और प्रधानमंत्री मोदी की तिरुचिरापल्ली रैली को एनडीए की रणनीति और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।






