चेन्नई: तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रमुख सहयोगी दल DMK और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर अहम बातचीत शनिवार से औपचारिक रूप से शुरू हो रही है। इस बैठक को दोनों दलों के गठबंधन के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहले दौर की बैठक चेन्नई स्थित डीएमके मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में सुबह 10:30 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक में दोनों दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे और सीटों के बंटवारे पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वा पेरुंथगई के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बातचीत में हिस्सा लेगी, जिसमें एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडनकर, सह-प्रभारी निवेदित अल्वा और विधायक दल के नेता राजेश कुमार शामिल हैं। वहीं डीएमके की ओर से पार्टी कोषाध्यक्ष टी.आर. बालू के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति कांग्रेस नेताओं के साथ चर्चा करेगी।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस बार पिछले चुनाव की तुलना में अधिक सीटों की मांग कर रही है। पार्टी ने डीएमके से उन सीटों में से कम से कम 15 सीटें देने की मांग की है, जहां डीएमके को पिछली बार हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा कांग्रेस ने दो राज्यसभा सीटों के साथ 35 से अधिक विधानसभा सीटों की मांग रखी है। हालांकि डीएमके अब तक लगभग 25 विधानसभा सीटों और एक राज्यसभा सीट की पेशकश कर चुका है, जिसे अधिकतम 27 या 28 सीटों तक बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।
यह बातचीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि कांग्रेस अन्य राजनीतिक विकल्पों पर भी नजर बनाए हुए है। यदि डीएमके के साथ संतोषजनक समझौता नहीं होता है, तो कांग्रेस नए गठबंधन विकल्पों पर विचार कर सकती है। फिलहाल दोनों दल बातचीत के जरिए सहमति बनाने और अपने गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।







