
पटना। बिहार सरकार पटना से गयाजी जिले के डोभी तक करीब 130 किलोमीटर लंबी सड़क को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके तहत नेशनल हाईवे के दोनों किनारों पर फलदार और छायादार पेड़ लगाए जाएंगे।पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने विधानसभा के बजट सत्र में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पटना से डोभी तक हाईवे किनारे आम, जामुन, नींबू, आंवला, नीम, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे पौधे लगाए जाएंगे। विभाग ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है।
मॉनसून से पहले शुरू होगा पौधारोपण
सरकार की योजना है कि जून-जुलाई में मॉनसून के आगमन के साथ ही पौधारोपण अभियान शुरू किया जाए। बरसात का मौसम पौधों के लिए अनुकूल माना जाता है, इसलिए उसी दौरान बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा। इससे न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएग इस परियोजना में स्थानीय किसानों को भी शामिल किया जाएगा। पटना, जहानाबाद और गयाजी जिले में हाईवे के पास जिन किसानों की जमीन है, उन्हें फलदार पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे भविष्य में फलों की बिक्री से अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। विभाग ने संभावित स्थलों की पहचान के लिए सर्वे भी कराया है।
पटना-गया-डोभी फोरलेन हाईवे को तीन हिस्सों में तैयार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 1910 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। सड़क पर पांच रेलवे ओवरब्रिज, 20 अंडरपास, चार फ्लाईओवर और आठ बायपास बनाए गए हैं। हाईवे के निर्माण के बाद पटना से गयाजी की दूरी अब करीब 90 मिनट में तय हो रही है.सफर को आसान बनाने के बाद अब सरकार इस मार्ग को हरियाली से सजाने की तैयारी में है। भविष्य में बिहार के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना है।






