नयी दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल अबीव में इजराइल की संसद में बुधवार को दिए अपने भाषण पूरी तरह से इजरायल का बचाव किया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को यहां एक बयान में कहा कि इजरायल की संसद कनेसेट में श्री मोदी में जो भी बात कही उसमें इजरायल का बचाव था। कांग्रेस मांग करती रही है कि इजरायली संसद में श्री मोदी गाजा में हुये नरसंहार का मुद्दा भी उठाएं। श्री रमेश ने कहा “कल कनेसेट में दिए गए अपने संबोधन में-जो उनके मेज़बान का खुला बचाव था। श्री मोदी ने इस तथ्य पर ध्यान दिलाया कि जिस दिन उनका जन्म हुआ था, उसी दिन भारत ने इजरायल को एक नए राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी।” कांग्रेस नेता ने इजरायल की स्थापना को लेकर विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि 13 जून 1947 को अल्बर्ट आइंस्टीन ने इजरायल की स्थापना के विषय पर जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखा था। एक महीने बाद नेहरू ने आइंस्टीन को उसका उत्तर दिया। 5 नवंबर 1949 को दोनों की मुलाकात प्रिंसटन स्थित आइंस्टीन के घर पर हुई थी। नवंबर 1952 में आइंस्टीन को इजरायल के राष्ट्रपति पद का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। अप्रैल 1955 में उनके निधन से कुछ समय पहले, आइंस्टीन और नेहरू के बीच परमाणु विस्फोटों और हथियारों के मुद्दे पर पत्रों का आदान-प्रदान भी हुआ था।







