नई दिल्ली।: हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमान में अचानक इंजन फेल हो जाए, तो वह पल किसी भी यात्री के लिए डरावने सपने से कम नहीं होता। मंगलवार सुबह ऐसा ही मंजर तब देखने को मिला, जब दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट SG121 टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही बोइंग 737 विमान ने रफ्तार पकड़ी, पायलट को एक इंजन में गड़बड़ी का संकेत मिला। केबिन के भीतर हलचल मच गई। करीब 150 यात्रियों की सांसें थम सी गईं। खिड़कियों के बाहर नीले आसमान के बीच अनिश्चितता का साया मंडराने लगा। हर गुजरता सेकंड भारी महसूस हो रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और विमान को वापस दिल्ली मोड़ने का निर्णय लिया। एहतियातन इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर इमरजेंसी घोषित कर दी गई। रनवे पर मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड को तैनात किया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।कुछ देर बाद विमान ने सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि विमान सामान्य तरीके से उतरा और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मेंटेनेंस टीम द्वारा विमान की विस्तृत जांच की जा रही है।
फ्लीट विस्तार पर काम कर रही है एयरलाइन
इसी बीच, स्पाइसजेट ने हाल ही में अपने फ्लीट विस्तार की योजना की जानकारी दी है। कंपनी वेट और डैम्प लीज़ के संयोजन के जरिए अपने बेड़े को लगभग 60 विमानों तक बढ़ाने पर काम कर रही है। साथ ही, ग्राउंडेड विमानों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा सेवा में लाया जा रहा है। एयरलाइन की रिलीज़ के मुताबिक, दिसंबर में उसका घरेलू बाजार हिस्सा बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल सितंबर में 1.9 प्रतिशत था। यह वृद्धि दिसंबर तिमाही में क्षमता में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई। कंपनी का लक्ष्य विंटर 2026 तक अपनी क्षमता को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 220 करोड़ उपलब्ध सीट किलोमीटर तक पहुंचाना है। हालांकि इस घटना में किसी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन उड़ान के दौरान आई तकनीकी खराबी ने हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, जांच के बाद ही इंजन फेल होने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।







