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उत्तर प्रदेश में सनसनी: शख्स ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या के बाद खुद दी जान, पांच वजहें सामने।

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Sensation in Uttar Pradesh: Man kills wife and three children, then commits suicide; five reasons emerge.

कासगंज: कासगंज  के अमांपुर के एटा रोड स्थित मकान से शनिवार शाम पुलिस ने सत्यवीर, उनकी पत्नी रामश्री, बेटियां प्राची और अमरवती और बेटा गिरीश के शव बरामद किए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने सभी शव कब्जे में लेकर देर रात एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। सत्यवीर का बेटा गिरीश न्यूरो समस्या से गंभीर बीमार था। 15 से 20 हजार रुपये महीने का खर्च इलाज में आ रहा था। बेटे का इलाज आगरा में चल रहा था। सत्यवीर आर्थिक तंगी के कारण अमांपुर कस्बे के पिता के नाम के मकान में भी हिस्सेदारी की मांग कर रहा था। इस मकान में उसका भाई देशराज रहता है।

उधार रुपये चुकाने का भी दबाव बना हुआ था। सत्यवीर ने कुछ लोगों से अलग अलग उधार रुपये ले रखे थे। उधार देने वाले लोग लगातार रुपये मांग रहे थे। सत्यवीर के नाम एक बोलेरो कार थी। किराए पर चलती थी। पिता इसका संचालन कराते थे। बोलेरो की दुर्घटना होने पर मुआवजे की राशि सत्यवीर को मिली जिसमें कुछ रुपये उसने अपने पास रख लिए। यह रुपये रखने के लिए परिवार के लोगों से कहासुनी भी होती थी। सत्यवीर के हिस्से की जमीन पर परिवार के लोग कब्जा जमाए थे और उसके खेती करने में अड़चनें पैदा कर रहे थे। लोगों के बीच इस तरह की चर्चाएं काफी थीं। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की गुत्थी और सही कारणों तक पहुंच पाना पुलिस के लिए चुनौती भरा है। अभी तक की जांच पड़ताल में यह साफ हो चुका है कि बच्चों की जहर देकर जान ली गई है जबकि पत्नी को भी जहर दिया गया और गले पर चाकू से प्रहार भी किया। पत्नी और बच्चों की जान लेने के बाद सत्यवीर ने खुद फंदे पर लटकर जीवन समाप्त कर लिया। फॉरेंसिक टीम को एक खरपतवारनाशक का खाली डिब्बा मौके से मिला वहीं एक चाकू भी।

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जिस पर रक्त के निशान लगे हैं। सत्यवीर ने जान लेने के लिए कौन सा जहर खिलाया यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जान लेने में जिस जहर का प्रयोग किया वह काफी तीव्र है और उसकी दुर्गंध काफी अधिक है। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम ने तीन घंटे तक काफी गहनता से एक एक चीज की जांच पड़ताल की जिससे कोई स्पष्ट साक्ष्य हाथ लग सके। कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला। जिससे घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा। डॉग स्क्वाइड टीम को भी कोई सुराग मौके पर नहीं मिल सका। फॉरेंसिक टीम साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण कर रही है। पुलिस के अधिकारियों की नजर भी फॉरेंसिक टीम के विश्लेषणों पर है। जिससे सटीक घटनाक्रम सामने आ सके। इस मामले में घटनास्थल की स्थिति भी काफी भयावह थी। केवल सत्यवीर का शव फंदे पर लटका हुआ था। जबकि अन्य मृतकों के शव अलग-अलग चारपाइयों पर थे। बड़ी बेटी प्राची एवं छोटे बेटे गिरीश का शव एक चारपाई पर था। जबकि पत्नी रामश्री का शव अलग चारपाई पर था। बेटी आकांक्षा उर्फ अमरवती का शव अलग चारपाई पर मिला।

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