
आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में राज्य को अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नई दिल्ली में शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और राज्य को एआई आधारित नवाचार का केंद्र बनाना है।
इन समझौतों के तहत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, तकनीकी कंपनियों और कौशल विकास संगठनों के साथ सहयोग स्थापित किया गया है। इसका मुख्य फोकस छात्रों और युवाओं को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और अन्य उभरती तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं को उन्नत तकनीकी कौशल से लैस किया जाए, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल एआई मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र, इनोवेशन हब और रिसर्च सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि उद्योगों को भी कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा।
सरकार का मानना है कि एआई और डिजिटल तकनीकों का तेजी से बढ़ता उपयोग भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार देगा। ऐसे में यह पहल राज्य के आर्थिक विकास, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे राज्य में रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
नई दिल्ली में हुए इन समझौतों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आंध्र प्रदेश सरकार तकनीकी क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश और रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से राज्य को डिजिटल और एआई हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल युवाओं के भविष्य को मजबूत करने और राज्य के समग्र विकास में अहम योगदान देगी।






