तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को एक कड़ा पत्र भेजकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उस पर कोई सैन्य हमला होता है, तो वह तुरंत और सख्त जवाब देगा। ईरान ने कहा कि ऐसी स्थिति में मध्य-पूर्व क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सभी सैन्य ठिकाने, हथियार और संसाधन उसके निशाने पर होंगे।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद को भेजे अपने पत्र में अमेरिका पर गैरकानूनी धमकियां देने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 का हवाला देते हुए कहा कि आत्मरक्षा उसका वैध अधिकार है। साथ ही, ईरान ने सुरक्षा परिषद से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की ताकि क्षेत्र में तनाव और अधिक न बढ़े।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को समझौते के लिए सीमित समय सीमा दी थी और चेतावनी दी थी कि असफलता की स्थिति में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है।
हाल के दिनों में ईरान ने रूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किया, जबकि अमेरिका ने मध्य-पूर्व क्षेत्र में अपना एक और विमानवाहक युद्धपोत तैनात किया है। इन सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्र में अस्थिरता और चिंता को बढ़ा दिया है।
हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने युद्ध की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन दोनों देशों की आक्रामक बयानबाजी और सैन्य तैयारियों ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी बड़े सैन्य टकराव को रोका जा सके।







