नयी दिल्ली: नयी दिल्ली में शुरू हुए AI Impact Summit 2026 ने भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक बार फिर केंद्र में ला खड़ा किया है। पांच दिन तक चलने वाले इस मेगा आयोजन में दुनिया की 40 से अधिक प्रमुख टेक कंपनियों के सीईओ, 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। इस समिट में करीब 100 अरब डॉलर के संभावित निवेश की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे भारत के डिजिटल और AI इकोसिस्टम को नई गति मिल सकती है।
इस समिट की खास बात यह है कि इसमें भारतीय मूल के कई वैश्विक टेक लीडर्स हिस्सा ले रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। सुंदर पिचाई, जो Google और उसकी पेरेंट कंपनी Alphabet के सीईओ हैं, इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। उनके साथ निकेश अरोड़ा, शांतनु नारायण, जय चौधरी और रवि कुमार एस जैसे दिग्गज भी मौजूद हैं।
इसके अलावा Nvidia के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट जय पुरी, ServiceNow के प्रेसिडेंट अमित जावेरी और Zoom की सीओओ अपर्णा बावा भी इस समिट का हिस्सा बने हैं। ये सभी नेता AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में वैश्विक बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान 35 से अधिक प्रमुख कंपनियों के सीईओ से मुलाकात करेंगे, जिससे भारत में निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुलने की संभावना है। यह समिट न केवल भारत की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय प्रतिभा वैश्विक तकनीकी जगत में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
AI Impact Summit 2026 को भारत के डिजिटल भविष्य और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।







