
रोहतास जिले में मैट्रिक परीक्षा को लेकर तैयारी पूरी, 47 हजार से अधिक परीक्षार्थी
कल से 58 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच होगी परीक्षा
कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए दिया गया सख्त निर्देश
सासाराम (रोहतास) बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित वार्षिक माध्यमिक (मैट्रिक) परीक्षा 2026 का आयोजन 17 फरवरी से 25 फरवरी तक रोहतास जिले के 58 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा के सफल एवं सुचारू संपादन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्तादेश निर्गत कर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग आज समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से ब्रीफिंग करते हुए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं केंद्राधीक्षकों को परीक्षा संचालन नियमावली तथा बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के प्रावधानों से अवगत कराया तथा दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व ही परीक्षा भवन में प्रवेश कर लेना अनिवार्य होगा। प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 9:30 बजे से प्रारंभ होगी, जिसके लिए परीक्षार्थियों को अधिकतम पूर्वाह्न 9:00 बजे तक प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वहीं द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 2:00 बजे से प्रारंभ होगी और परीक्षार्थियों को अधिकतम अपराह्न 1:30 बजे तक ही प्रवेश मिल सकेगा। निर्धारित समय के बाद आने वाले परीक्षार्थियों को संबंधित पाली की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा में सासाराम, डेहरी व बिक्रमगंज शहर में यातायात दबाव को देखते हुए परीक्षार्थियों से समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की अपील की गई है।

तीनों अनुमंडल में बनाए गए परीक्षा केंद्र
कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर जिले के तीनों अनुमंडल में परीक्षा बनाए गए है। सासाराम अनुमंडल में 28, डेहरी अनुमंडल में 16 एवं बिक्रमगंज अनुमंडल में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। जिसमें कुल 47199 परीक्षार्थी शामिल होंगे। पहली पाली में 23900 एवं दूसरी पाली में 23299 परीक्षार्थी शामिल होंगे। पहली पाली में 11720 बालक एवं 12180 बालिका शमिल होंगे। जबकि दूसरी पाली में 11287 बालक एवं 12012 बालिका शामिल हैं।
त्रिस्तरीय जांच से गुजरेंगे परीक्षार्थी
परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर परीक्षार्थियों की त्रिस्तरीय जांच की जाएगी। परीक्षार्थी को जूता मोजा पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना वर्जित रहेगा। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक वॉच, व्हाइटनर, इरेज़र सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं वर्जित उपकरणों के लाने और उपयोग पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है। प्रवेश द्वार पर ही पर्याप्त जांच की जाएगी ताकि कोई भी परीक्षार्थी इस प्रकार की सामग्री अंदर न ले जा सके। परीक्षा कक्ष में न तो परीक्षार्थी और न ही वीक्षक मोबाइल फोन लेकर जाएंगे। इसका सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे और निषेधाज्ञा (धारा 144) प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले वीक्षकों या असामाजिक तत्वों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा अवधि में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डीएसपी को विशेष निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा प्रारंभ से लेकर समाप्ति तक सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास गश्ती दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए ट्रैफिक डीएसपी को अलर्ट एंड एक्टिव मोड में यातायात व्यवस्था का सुचारू एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ हीं सभी थाना अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल एवं गेस्ट हाउस पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अपने-अपने क्षेत्र में स्थित विद्यालय एवं महाविद्यालयों में शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराई जाए। परीक्षा केंद्र परिसर में परीक्षा अवधि के दौरान मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा परीक्षा की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी, जिसके लिए सुरक्षित दंडाधिकारी एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।






