तमिलनाडु: तमिलनाडु की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख और अभिनेता Vijay ने अपनी चुनावी रैली में भीड़ की सीमा तय किए जाने पर राज्य सरकार पर निशाना साधा। सलेम के सीलानाइकेनपत्ती में आयोजित सभा में विजय ने कहा कि उनकी पार्टी को केवल 4,998 लोगों की अनुमति देना राजनीतिक भेदभाव दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां अन्य दलों को सार्वजनिक सभाओं और सम्मेलनों के लिए आसानी से अनुमति और स्थान उपलब्ध कराया जाता है, वहीं टीवीके को बार-बार रोका जा रहा है।
विजय ने मंच से कहा कि वे सलेम वोट मांगने नहीं, बल्कि न्याय मांगने आए हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा लागू मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) पर तंज कसते हुए कहा कि उनके लिए इसका अर्थ “स्टालिन सर ऑपरेटिंग प्रोसीजर” जैसा लगता है। उनका इशारा मुख्यमंत्री M. K. Stalin की ओर था।
पुलिस दिशानिर्देशों के तहत रैली में केवल क्यूआर कोड वाले प्रवेश पास धारकों को ही अंदर जाने दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर पहचान पत्रों का कड़ाई से सत्यापन किया गया और भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों की जांच तथा यातायात डायवर्जन भी किया गया। अधिकारियों का कहना है कि ये कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए उठाए गए, खासकर पिछले वर्ष सितंबर में टीवीके की सभा में हुई भगदड़ की घटना के मद्देनजर, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी।
इसी बीच मुख्यमंत्री स्टालिन ने ‘कलाइग्नार महिला अधिकार योजना’ के तहत फरवरी, मार्च और अप्रैल की किस्तों के रूप में ₹3,000 अग्रिम जमा कराने और अतिरिक्त ₹2,000 ग्रीष्मकालीन विशेष पैकेज देने की घोषणा की। इससे राज्य की 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों को इस माह कुल ₹5,000 की सहायता प्राप्त हुई है।







