नयी दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा समझौते पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने तीखा जवाब दिया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसान-विरोधी होने और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिए देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में दोनों मंत्रियों ने गांधी पर “झूठ फैलाने” और किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
पीयूष गोयल ने कहा कि गेहूं, चावल, मोटा अनाज, सोयाबीन, मक्का, जीएम खाद्य उत्पाद, मसाले और आलू जैसी प्रमुख फसलों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुग्ध उत्पादों और पोल्ट्री सेक्टर के लिए भारतीय बाजार नहीं खोला गया है। साथ ही सेब जैसे फलों के उत्पादकों के हित भी सुरक्षित हैं। गोयल ने दावा किया कि समझौते से बासमती चावल, मसाले, चाय, फल और समुद्री उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे, जिससे निर्यात बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी गांधी के दावों को निराधार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित सर्वोपरि रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों ने किसानों के सशक्तीकरण और आय वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।
इस मुद्दे पर सियासी टकराव तेज हो गया है, लेकिन केंद्र सरकार का दावा है कि व्यापार समझौते में भारत के कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।







