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मोदी के भाषण पर राहुल का जवाब: ‘जो उचित समझो वही करो’ कहकर किया पलटवार

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Rahul Gandhi's response to Modi's speech: "Do what you think is right"

नयी दिल्ली: संसद के भीतर और बाहर सियासी टकराव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्यसभा में दिए गए भाषण के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखा पलटवार किया। राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा, “जो उचित समझो वही करो,” और इसी नारे के साथ विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने तख्तियां लहराईं, जिन पर “धोखाधड़ी” लिखा हुआ था और सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।

भारी नारेबाजी और हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। अब सदन की अगली बैठक 9 फरवरी को सुबह 11 बजे होगी। संसद परिसर में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा भी बढ़ा दी गई और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।

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इस पूरे विवाद की जड़ प्रधानमंत्री मोदी का वह बयान है, जिसमें उन्होंने राज्यसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। प्रधानमंत्री ने भाजपा सांसद और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को “गद्दार” कहे जाने के मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के “युवराज” ने एक सांसद को सिर्फ इसलिए गद्दार कहा क्योंकि वह सिख समुदाय से आते हैं, जो न केवल सिखों बल्कि गुरुओं का भी अपमान है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे कांग्रेस के अहंकार और नफरत की राजनीति करार दिया।

दरअसल, यह विवाद बुधवार को संसद के मकर द्वार के पास उस समय शुरू हुआ था, जब राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी कहासुनी हुई। राहुल गांधी ने बिट्टू को “गद्दार” कहकर संबोधित किया था, जिस पर बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार करते हुए पलटवार में गांधी को “देश का दुश्मन” बताया।

इस घटनाक्रम के बाद से संसद का माहौल लगातार गरमाया हुआ है। विपक्ष सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों और जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा इसे कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।

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