
वेब सीरीज ‘Ghooskhor Pandat’ को लेकर उत्तर प्रदेश में विवाद गहराता जा रहा है। सीरीज के कथित कंटेंट को ब्राह्मण समाज ने आपत्तिजनक और समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी समेत कई जिलों में प्रदर्शन हुए, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार के आदेश पर वेब सीरीज के निर्माता और निर्देशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वेब सीरीज में ब्राह्मणों को भ्रष्ट, लालची और नकारात्मक रूप में दिखाया गया है, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा है। ब्राह्मण संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर समुदाय विशेष को बदनाम करने की कोशिश बताया और तत्काल प्रतिबंध की मांग की। उनका कहना है कि ऐसे कंटेंट से समाज में नफरत और गलत धारणाएं फैलती हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को त्वरित जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
वहीं, वेब सीरीज से जुड़े पक्ष की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कुछ समर्थकों का तर्क है कि यह रचनात्मक स्वतंत्रता का मामला है, लेकिन सरकार और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रचनात्मकता के नाम पर किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया जा सकता।
इस विवाद ने एक बार फिर डिजिटल कंटेंट पर निगरानी और जिम्मेदारी की बहस को तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाले कंटेंट के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस और संवेदनशीलता जरूरी है, ताकि सामाजिक संतुलन बना रहे। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।






