हाजीपुर: होली के त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों को अपने घर और गंतव्य तक आसानी से पहुंचाने के लिए रेलवे ने 1 मार्च से 22 मार्च के बीच कुल 1410 होली स्पेशल ट्रेनों (ट्रिप) के संचालन का फैसला किया है। जरूरत पड़ने पर इन ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 1500 तक की जा सकती है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन स्पेशल ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य त्योहार के समय यात्रियों की अतिरिक्त मांग को पूरा करना और प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। पिछले साल 2025 में होली के मौके पर 1144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं, जबकि इस बार उससे कहीं ज्यादा ट्रेनों की योजना बनाई गई है।
जोनवार बात करें तो पूर्व मध्य रेलवे (ECR) सबसे आगे है, जो अकेले 285 होली स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। इसके अलावा पश्चिम रेलवे 231, मध्य रेलवे 209 और दक्षिण मध्य रेलवे 160 ट्रेनों का संचालन करेगा। उत्तर रेलवे 108 और उत्तर पश्चिम रेलवे 71 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। उत्तर मध्य रेलवे 66, पूर्वोत्तर रेलवे 62 और पूर्व तटीय रेलवे भी 62-62 ट्रेनों का संचालन करेगा। वहीं दक्षिण पश्चिम रेलवे 47, पश्चिम मध्य रेलवे 43 और दक्षिण रेलवे 39 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। इसके अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे 15, कोंकण रेलवे 9 और पूर्वोत्तर सीमा रेलवे 2 होली स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।
पूर्व मध्य रेलवे द्वारा कई प्रमुख रूटों पर विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिनमें सोगरिया–दानापुर, रानीकमलापति–दानापुर, रानीकमलापति–अगरतला और हापा–नाहरलगुन स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। ये ट्रेनें बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति और समय-सारणी की जानकारी जरूर जांच लें। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139, नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। रेलवे के इस फैसले से होली पर घर जाने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।







