
सिक्किम: सिक्किम में भूकंप की गतिविधियों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के पश्चिमी जिले ग्यालशिंग में आधी रात के बाद भूकंप के लगातार झटके महसूस किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे तेज झटका 4.5 तीव्रता का दर्ज किया गया, जबकि कुल मिलाकर करीब 12 बार धरती हिली। भूकंप के ये झटके देर रात शुरू हुए और कुछ घंटों तक रुक-रुक कर महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए और कई घरों से बाहर निकल आए।
भूकंप का केंद्र ग्यालशिंग और आसपास के इलाकों में बताया जा रहा है। झटकों की गहराई कम होने के कारण कंपन का असर व्यापक क्षेत्र में महसूस किया गया। हालांकि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन कई इलाकों में लोग पूरी रात जागते रहे। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, भूकंप के बाद एहतियात के तौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्कूलों, अस्पतालों और महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं।
भूवैज्ञानिकों का कहना है कि सिक्किम भूकंपीय रूप से संवेदनशील जोन में आता है, जहां इस तरह के मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को शांत रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और भूकंप के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह दी है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा हेल्पलाइन से संपर्क करें और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों से बचें। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन लगातार आ रहे झटकों के चलते लोगों में सतर्कता बनी हुई है।






