
पटना: बिहार सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर बजने वाले अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गानों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बसों, ट्रकों, ऑटो-रिक्शा, सार्वजनिक समारोहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आपत्तिजनक गीत बजाने वालों के खिलाफ बिना देरी के प्राथमिकी दर्ज की जाए। यह कार्रवाई गीत की भाषा से परे होगी—चाहे वह भोजपुरी, मगही, मैथिली या किसी अन्य भाषा में हो।
सम्राट चौधरी ने सभी जिलों में विशेष अभियान चलाने का आदेश देते हुए कहा कि अश्लील और डबल मीनिंग गाने समाज के लिए गंभीर समस्या बन चुके हैं। ऐसे गीत सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को असहज महसूस कराते हैं और उनकी गरिमा व सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि इन गानों का बच्चों की मानसिकता पर नकारात्मक असर पड़ता है, जो भविष्य के लिए घातक हो सकता है।
गृह मंत्री ने साफ कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इस मुद्दे पर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्देशों के तहत पुलिस को ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296, 79 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में FIR दर्ज करने को कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर साउंड सिस्टम जब्त किए जाएंगे और आयोजकों तथा वाहन चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
आगामी होली पर्व को देखते हुए सरकार ने निगरानी और सख्ती और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। विशेष अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों, वाहनों और आयोजनों में बजने वाले गानों की निगरानी की जाएगी। सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित सामाजिक माहौल बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और महिलाओं की गरिमा व बच्चों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।






