
मुंबई: मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर 33 घंटे तक चला ट्रैफिक का तांडव आखिरकार थम गया है। एक गैस टैंकर के पलट जाने से लगे भीषण जाम को प्रशासन और राहत एजेंसियों की कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह हटाया गया, जिसके बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी। इस लंबे जाम के कारण हजारों वाहन फंस गए थे और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यह हादसा एक्सप्रेसवे के घाट सेक्शन में उस समय हुआ, जब एक गैस से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर में ज्वलनशील गैस होने के कारण सुरक्षा कारणों से तत्काल यातायात रोक दिया गया। पुलिस ने एहतियातन दोनों दिशाओं में ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया और आसपास के इलाके को सील कर दिया गया। गैस रिसाव की आशंका को देखते हुए फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और विशेषज्ञ तकनीकी टीमों को मौके पर बुलाया गया।
राहत कार्य के दौरान सबसे बड़ी चुनौती टैंकर से गैस को सुरक्षित तरीके से निकालना और उसे सड़क से हटाना था। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी तरह की चिंगारी या लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती थी। इसी वजह से ऑपरेशन बेहद सावधानी के साथ चरणबद्ध तरीके से किया गया। गैस ट्रांसफर होने के बाद क्षतिग्रस्त टैंकर को क्रेन की मदद से हटाया गया और सड़क की मरम्मत कराई गई।
करीब 33 घंटे बाद जब प्रशासन ने एक्सप्रेसवे को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया, तब जाकर यातायात बहाल किया गया। ट्रैफिक खुलते ही जाम में फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस दौरान कई लोगों को घंटों,甚至 रात भर अपने वाहनों में ही बितानी पड़ी।
पुलिस और हाईवे प्राधिकरण ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन का सहयोग करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और तेज़ किए जाएंगे, ताकि यात्रियों को लंबे जाम का सामना न करना पड़े।






