
नयी दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में सोमवार को भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी सांसदों ने एक दिन पहले आठ सांसदों के निलंबन के विरोध में जोरदार नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। हालात को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
निलंबित सांसद संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। उनके हाथों में ऐसे पोस्टर थे, जिन पर “प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं” जैसे नारे लिखे हुए थे। यह बयान हाल ही में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान दिए गए आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, प्रशांत यदाओराव पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी, डीन कुरियाकोस और सीपीआई (एम) के एस वेंकटेशन शामिल हैं।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन उससे पहले ही सदन में तनावपूर्ण माहौल बन गया। समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वे उन करोड़ों लोगों की आवाज हैं, जिन्होंने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा के दौरान हंगामा कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है।
भदौरिया ने यह भी कहा कि अगर सच्चाई देश की जनता के सामने आ गई तो भाजपा की “विश्वगुरु” वाली छवि को नुकसान पहुंचेगा, इसी डर से विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा। उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ 2020 के गतिरोध का मुद्दा उठाने पर राहुल गांधी के अड़े रहने के बाद सदन में हंगामा हुआ था। इसी दौरान नियमों के उल्लंघन और अध्यक्ष की कुर्सी की ओर कागज फेंकने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सदन की कार्यवाही नियमों और मर्यादाओं के तहत ही चलेगी।






