ओडिशा : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को अपनी ओडिशा यात्रा के तीसरे दिन की शुरुआत गहरी श्रद्धा और आध्यात्मिक आस्था के साथ की। पुरी में रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने सुबह सबसे पहले पवित्र श्वेत गंगा कुंड में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। इसके बाद राष्ट्रपति ने श्रीजगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
सुबह करीब सात बजे राष्ट्रपति श्वेत गंगा पहुंचीं, जहां विधिवत पिंडदान संपन्न किया गया। इसके बाद सुबह सात बजकर 40 मिनट पर वह श्रीजगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पहुंचीं। यहां पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। इस दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद कुमार पाढ़ी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति के दौरे को ध्यान में रखते हुए मंदिर को कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया था।
राष्ट्रपति मुर्मू अपने परिवार के साथ मंदिर के धुकुड़ी द्वार से भीतर प्रवेश कर गर्भगृह पहुंचीं, जहां उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित मां बिमला और मां लक्ष्मी मंदिर में भी दर्शन किए। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक ने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद यह द्रौपदी मुर्मू की श्रीजगन्नाथ मंदिर की चौथी यात्रा है। प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति की मनोकामना पूर्ति की कामना के साथ मंदिर पर ध्वज भी फहराया गया।
दर्शन के बाद राष्ट्रपति मंदिर के बाहर एकत्र श्रद्धालुओं से मिलीं और उनसे संवाद किया। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पूरे पुरी शहर में कड़ी निगरानी रखी गई। मंदिर प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति को खंडुआ वस्त्र और पारंपरिक पटचित्र भेंट किए गए।
अपने पुरी दौरे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिन में आगे चलकर मयूरभंज जिले के रायरंगपुर स्थित अपने पैतृक गांव का भी दौरा करेंगी।







