भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी India-US Trade Deal पर आखिरकार सहमति बन गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए भारत पर लागू टैरिफ को घटाकर तत्काल 18 फीसदी करने की घोषणा की है। इस डील के साथ ही भारत को एक बार फिर अपना सबसे बड़ा निर्यात बाजार मजबूती से वापस मिलता दिख रहा है। हाल ही में भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ ‘Mother Of All Deals’ कहे जा रहे India-EU Free Trade Agreement का ऐलान किया था और अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील के फाइनल होने से भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति और मजबूत हो गई है। एक के बाद एक हुए इन बड़े समझौतों का असर अब सीधे अर्थव्यवस्था और बाजारों पर दिखने लगा है। ट्रेड डील की खबर आते ही शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मंगलवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने जोरदार खरीदारी की। बीएसई का सेंसेक्स 24,000 अंकों की ऐतिहासिक छलांग के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 700 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ ओपन हुआ। बाजार में तेजी का असर दिग्गज शेयरों पर भी दिखा। रिलायंस, अडानी पोर्ट्स समेत कई बड़े स्टॉक्स में तूफानी उछाल दर्ज किया गया। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों ने करीब 20 लाख करोड़ रुपये की कमाई कर ली। इस दौरान बीएसई का कुल मार्केट कैप 455 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 474 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग और विदेशी निवेश को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। टैरिफ में कटौती से भारतीय कंपनियों की अमेरिकी बाजार तक पहुंच आसान होगी, जिसका सीधा फायदा आने वाले समय में अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों को मिलने की उम्मीद है।







