नयी दिल्ली। संसद के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं, जिसमें बजट 2026-27 और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल-जवाब हो सकते हैं।
शनिवार को संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026-27 पेश किया। करीब 85 मिनट लंबे बजट भाषण में वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया। हालांकि आम जनता के लिए किसी बड़े प्रत्यक्ष राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया गया, लेकिन टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने, रेलवे परियोजनाओं को तेज करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में तीन नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) की घोषणा जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए। सरकार का कहना है कि इन कदमों से दीर्घकाल में रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई थी। राष्ट्रपति ने अपने लगभग 45 मिनट के भाषण में सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, बीवी जी राम जी से जुड़े कानून, और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका जैसे प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
बजट सत्र के कार्यक्रम के अनुसार, इस बार कुल 65 दिनों की अवधि में संसद की 30 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को खत्म होगा। इस दौरान सरकार की ओर से कई अहम विधेयकों को पारित कराने की कोशिश की जाएगी।
लोकसभा में फिलहाल नौ विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठा विधेयक 2025, प्रति भूमि बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 प्रमुख हैं। इन विधेयकों की जांच वर्तमान में संसदीय स्थायी समितियों और प्रवर समितियों द्वारा की जा रही है। आने वाले दिनों में इन पर व्यापक चर्चा और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।







