नयी दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए देश की आर्थिक दिशा को लेकर बड़ा विज़न सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार सुधारों की रफ्तार को बनाए रखने के लिए ‘Reform Express’ को लगातार आगे बढ़ाएगी और अर्थव्यवस्था को तेज़ गति देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा। बजट 2026 का मकसद साफ है—निवेश बढ़ाना, रोजगार सृजन करना और भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में मजबूत बनाना।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी। इसके तहत सात भविष्य से जुड़े अहम सेक्टरों में उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे देश में ज़्यादा सामान बनेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और लाखों नए रोजगार पैदा होंगे। इसके साथ ही टेक्सटाइल, स्टील जैसे पारंपरिक उद्योगों को दोबारा मजबूत करने पर भी ज़ोर दिया जाएगा, ताकि उन क्षेत्रों को नया जीवन मिल सके जहां ये उद्योग रोजगार की रीढ़ हैं।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की धुरी बताया गया है। सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट, बिजली और डिजिटल नेटवर्क में बड़े निवेश की योजना है, जिससे तुरंत रोजगार के अवसर मिलेंगे और लंबे समय में आर्थिक क्षमता मजबूत होगी। वहीं, छोटे और मझोले कारोबार यानी MSME को “चैंपियन” बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वे बड़े उद्योगों में बदल सकें और देश की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाएं।
सरकार ने आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। निवेशकों के भरोसे को बनाए रखना और दीर्घकालीन विकास सुनिश्चित करना बजट का अहम हिस्सा है। इसके अलावा सिटी इकोनॉमिक रीजन के विकास की योजना के तहत बड़े शहरों के आसपास नए आर्थिक केंद्र बनाए जाएंगे, जिससे शहरी विकास, व्यापार और रोजगार को नई रफ्तार मिलेगी।
कुल मिलाकर बजट 2026 में ‘Reform Express’ के जरिए सरकार ने विकास, सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत रोडमैप पेश किया है।







