नयी दिल्ली: अमेरिका ने भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत रूस से तेल आयात कम कर रहा है। तीन सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूस की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदे। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि भारत ने रूस से तेल खरीदना काफी कम करने का वादा किया है।
अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर टैरिफ (अतिरिक्त शुल्क) बढ़ा दिया था। अब भारत आने वाले महीनों में रूस से हर दिन लाखों बैरल तेल कम खरीदेगा। ये बातें सूत्रों ने बताईं, जिन्होंने अपनी पहचान गुप्त रखने की गुजारिश की क्योंकि यह मामला संवेदनशील है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2025 में वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों, जिनमें भारत भी शामिल था, पर 25% का टैरिफ लगाया था।
- इसके बाद, उनकी सरकार ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अभियान तेज कर दिया था, जिन्हें अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी को पकड़ा था। तब से अमेरिका का रुख बदला है।
- उन्होंने भारत को बताया है कि वे वेनेजुएला से तेल खरीदना फिर से शुरू कर सकते हैं।
- यह कदम रूस से तेल की घटती आपूर्ति को पूरा करने में भारत की मदद करेगा।
- अमेरिका ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि रूस को तेल से होने वाली कमाई कम हो सके, जिससे वह यूक्रेन में युद्ध लड़ रहा है। रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था। इसके बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए थे और रूसी तेल पर भारी छूट मिलने लगी थी। इसी वजह से भारत रूस से तेल खरीदने वाला एक बड़ा खरीदार बन गया था। लेकिन बाद में ट्रंप ने अमेरिका में भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ा दिया था। अगस्त तक यह टैरिफ 50% तक पहुंच गया था, जिसमें रूसी तेल की खरीद से जुड़ा 25% का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था।







