पटना: बिहार की राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा मोड़ ले लिया है। बढ़ते दबाव और परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच बिहार सरकार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि पटना में नीट छात्रा की मौत से जुड़े केस नंबर 14/26 की जांच CBI को सौंपी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले में सच्चाई सामने लाना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और किसी भी तरह की शंका की गुंजाइश न रहे।
मूल रूप से जहानाबाद की रहने वाली यह छात्रा इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में पाई गई थी। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह कई दिनों तक कोमा में रही। 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही छात्रा की मौत को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था और मामले को आत्महत्या बताकर दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि राज्य पुलिस ने शुरुआत से ही यौन हिंसा की आशंका को नकार दिया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। यह रिपोर्ट पुलिस के शुरुआती दावों से अलग बताई जा रही है, जिससे जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल बिहार पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले की जांच कर रही है और हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार भी किया गया है। अब CBI जांच की सिफारिश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की हर परत की गहराई से जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी।







