भागलपुर। बिहार में भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की कहलगांव तापीय विद्युत परियोजना और जिला प्रशासन के बीच विकास कार्यों को लेकर आज पहली बार एक समझौता (एमओयू) हुई। जिला समाहरणालय के समीक्षा भवन में शुक्रवार को भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी और कहलगांव विधुत परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक रविन्द्र पटेल की उपस्थिति में नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत तीन करोड़ 70 लाख रुपए की लागत वाले तीन योजनाओं को लेकर दोनों ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ। इसके बाद जिला योजना पदाधिकारी मोनू कुमार और कहलगांव परियोजना के वरीय प्रबंधक के.के. सिंह ने एक-दूसरे को समझौता पत्र सौंपा इस समझौते के तहत भगवान प्रमंडलीय पुस्तकालय, भागलपुर का डिजिटल पुस्तकालय के रुप में विकसित करने, दस सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालय की सुविधा देने और सुरक्षा के दृष्टिकोण विभिन्न जगहों पर सीसीटीवी युक्त निगरानी चौकियों की स्थापना करना शामिल है।
इसके साथ ही परियोजना प्रबंधन ने आगे भी अन्य विकास कार्यों को पूरा करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने एनटीपीसी परियोजना की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि तीन विकास कार्यों के चालू होने से जिले के आमलोगों और विधार्थियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा भविष्य में विभिन्न अस्पतालों और विद्यालयों के विकास के लिए सीएसआर के तहत फंड देने का अनुरोध एनटीपीसी से किया गया है। कहलगांव विधुत परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक रविन्द्र पटेल ने कहा कि एमओयू के अंतर्गत तीन योजनाओं की शुरुआत के लिए बहुत जल्द राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी जाएंगी। एनटीपीसी प्रबंधन नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत विकास कार्य के लिए कृतसंकल्प है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं। खासकर, केन्द्र एवं राज्य सरकारें के समय समय पर मिलने वाले दिशा- निर्देशों का पालन बेहतर ढंग से किया जा रहा है। गौरतलब है कि बिहार में एनटीपीसी के सबसे पुराने एवं पहले कोयला आधारित 2340 मेगावाट कहलगांव विधुत परियोजना भागलपुर और झारखंड के गोड्डा जिले में हर वर्ष सीएसआर के तहत विकास कार्यों पर करोड़ों रुपए खर्च करती है, जिससे कई गांवों के लोगों को स्कूल, सड़क, स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाएं मिली है।







