नयी दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बजट से ठीक पहले बढ़ी सतर्कता के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 625 अंक या 0.75 फीसदी टूटकर 81,941 के स्तर तक आ गया, जबकि निफ्टी 50 भी 194 अंक गिरकर 25,224 के आसपास पहुंच गया। महज 15 मिनट के भीतर निवेशकों की करीब 4 लाख करोड़ रुपये की पूंजी साफ हो गई।
बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह आगामी केंद्रीय बजट को लेकर बनी अनिश्चितता रही। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को बजट पेश करने वाली हैं, जिसके चलते निवेशक बड़े दांव लगाने से बचते नजर आए। बजट को भारत की आर्थिक दिशा और कंपनियों की भविष्य की कमाई के लिहाज से अहम माना जा रहा है, इसलिए बाजार में ‘वेट एंड वॉच’ का रुख दिखा।
इसके अलावा रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बना रहा, जिससे विदेशी पूंजी के बाहर जाने और आयातित महंगाई का डर बढ़ गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया। मध्य पूर्व में तनाव और वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के चलते तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए नकारात्मक संकेत है।
वैश्विक स्तर पर भी जोखिम से बचने का माहौल हावी रहा। एशियाई बाजारों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका से जुड़ी राजनीतिक व मौद्रिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। इसके साथ ही तकनीकी संकेतकों ने भी अल्पकालिक कमजोरी की ओर इशारा किया, जिससे ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली।
विश्लेषकों का मानना है कि बजट से जुड़े संकेत और वैश्विक कारक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपनाते हुए हर नए संकेत पर नजर बनाए हुए हैं।







