
त्रिपुरा: त्रिपुरा में ‘नशा मुक्त राज्य’ के संकल्प को मजबूत करते हुए सुरक्षा बलों ने गुरुवार को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सोनमुरा सबडिवीजन के संरक्षित वन क्षेत्रों में चलाए गए एक व्यापक अभियान में करीब 27 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध गांजे की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से न केवल नशीले पदार्थों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा, बल्कि लगभग 65 एकड़ जंगल को भी अवैध खेती से मुक्त कराया गया।
खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने सुबह 7:45 बजे से शाम 5 बजे तक कमला नगर, कृष्णडोला, दुलुंगा और विजय नगर के वन क्षेत्रों में सघन तलाशी और छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान करीब 41 अलग-अलग प्लॉटों में फैली गांजे की खेती का पता लगाया गया। मौके पर लगभग 1.80 लाख परिपक्व गांजे के पौधों को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, नष्ट की गई फसल का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 27 करोड़ रुपये है।
इस बहु-एजेंसी ऑपरेशन में सोनमुरा पुलिस स्टेशन के साथ 81वीं बटालियन बीएसएफ, 5वीं, 9वीं, 11वीं और 14वीं बटालियन त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR), 14वीं महिला TSR, 35वीं बटालियन असम राइफल्स तथा अन्य सहायक एजेंसियां शामिल रहीं। विभिन्न बलों के समन्वय से अभियान को व्यापक और प्रभावी बनाया गया, जिससे किसी भी संदिग्ध को भागने या सबूत नष्ट करने का मौका नहीं मिला।
गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले सिपाहीजाला जिले के कलामचौरा क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों ने एक विशाल अभियान चलाकर करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध गांजे की खेती को नष्ट किया था।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ये कार्रवाइयां राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्रों की रक्षा और ड्रग तस्करी की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को खत्म करने के लिए ऐसे संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे।






