नयी दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत शिक्षा में व्यापक सुधार करते हुये वर्ष 2030 तक स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में गुरुवार को पेश किये गये आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार एनईपी के तहत देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर संरचनात्मक सुधार किए गए हैं।
स्कूल शिक्षा में 2030 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल देश में 14.7 लाख स्कूलों में करीब 24.69 करोड़ छात्र नामांकित हैं। सर्वेक्षण के अनुसार उच्च शिक्षा के स्तर पर भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या 2014-15 में 51534 से बढ़कर जून 2025 तक 70018 हो गयी है जिससे शिक्षा तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह वृद्धि विश्वविद्यालयों और कालेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण हुयी है।
वर्ष 2014-15 और 2024-25 के बीच प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुयी है और अब यह संख्या 23 आईआईटी, 21 आईआईएम और 20 एम्स तक पहुंच गयी है। इसके साथ ही जांजीबार और अबू धाबी में दो अंतराष्ट्रीय आईआईटी परिसरों की स्थापना भी हुयी है। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) 2022-23 के अनुसार छात्र नामांकन वर्ष 2021-22 में 4.33 करोड़ से बढकर 2022-23 में 4.46 करोड़ हो गया है।







