जनसेना पार्टी ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में घिरे रेलवे कोडूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अरावा श्रीधर के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए जांच समिति का गठन किया है। पार्टी की राज्य कार्यकारिणी ने बुधवार को तीन सदस्यीय समिति बनाई है, जिसमें टी. शिवशंकर, ताम्बल्लापल्ली रमादेवी और टी.सी. वरुण को शामिल किया गया है। समिति को आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अरावा श्रीधर को सात दिनों के भीतर समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। जांच रिपोर्ट आने और अंतिम निर्णय होने तक उन्हें पार्टी की सभी गतिविधियों और कार्यक्रमों से दूर रहने का आदेश दिया गया है। इस फैसले को पार्टी की छवि और अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है।
इधर, पुलिस ने भी इस मामले में कार्रवाई करते हुए विधायक अरावा श्रीधर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायत करने वाली महिला, जो एक सरकारी कर्मचारी बताई जा रही है, ने आरोप लगाया है कि विधायक ने शादी का झूठा वादा कर करीब डेढ़ साल तक उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया। महिला का दावा है कि इस दौरान उसे लगातार धमकाया और प्रताड़ित भी किया गया।
वहीं, विधायक की मां प्रमीला ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शिकायतकर्ता पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने जातिगत पहचान का सहारा लेकर उनके बेटे के करीब आने की कोशिश की और बाद में शादी के लिए दबाव बनाकर ब्लैकमेल करने लगी।
इस मामले ने राज्य की राजनीति को भी गरमा दिया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष और एमएलसी वरुदु कल्याणी ने जनसेना विधायक के कथित कृत्यों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने गठबंधन सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने और सत्तारूढ़ दल के विधायकों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। फिलहाल, पूरे मामले पर जांच समिति और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







