तमिलनाडु: तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है और विभिन्न पार्टियों के गठबंधन की खबरों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। इसी बीच तमिलगा वेट्ट्री कजगम (टीवीके) के उप महासचिव राजमोहन ने स्पष्ट किया कि मीडिया और सोशल मीडिया में टीवीके को अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ जोड़ने वाली खबरें पूरी तरह झूठी और निराधार हैं। उन्होंने जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि पार्टी की आधिकारिक घोषणा तक किसी अफवाह पर विश्वास न करें।
राजमोहन ने कहा, “ये सभी दावे बिना किसी प्रमाण के फैलाए जा रहे हैं। जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। हम चाहते हैं कि लोग केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।” उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनावी माहौल में गठबंधन और पार्टी स्थिति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए इसे केंद्रीय एजेंसियों के डर से बना ‘ब्लैकमेल गठबंधन’ करार दिया। स्टालिन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे के पीछे चुनावी मंशा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि तमिलनाडु देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी माहौल में अफवाहें और मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर सियासी दल सक्रिय हो गए हैं। टीवीके की ओर से अफवाहों को खारिज करने का कदम इसका संकेत है कि दल अपनी स्थिति स्पष्ट रखना चाहते हैं और मतदाताओं को भ्रमित नहीं होने देना चाहते।
ऐसे में तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव तक मीडिया और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें और पार्टियों के गठबंधन संबंधी चर्चाएं बढ़ती रहेंगी, लेकिन पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल आधिकारिक घोषणाओं को ही मान्यता दी जाएगी।







