पटना। अगले सात वर्षों के लि्ए प्रदेश की 19,327 किमी सड़कों का रख रखाव 21 हजार करोड़ की राशि से होगा। इस आशय से जुड़ा प्रस्ताव सरकार के लोक वित्त कमेटी के पास पहुंच चुका है। लोक वित्त से मंजूरी के बाद नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी की स्वीकृति का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा। ऐसी संभावना है कि सड़कों के रख रखाव के लिए कंपनी का चयन नए वित्तीय वर्ष के तुरंत बाद पूरा कर लिया जाएगा। नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी इस बार कई तरह की नई सुविधाओं के साथ है। सड़कों के रख रखाव में परेशानी नहीं हो इसका ध्यान रखा गया है नई पॉलिसी के ड्राफ्ट में।
पुरानी व्यवस्था यह थी कि सड़कों पर गड्ढे को दुरुस्त किए जाने को ले प्रशासनिक स्वीकृति अनिवार्य थी पर नई पॉलिसी में यह व्यवस्था की गई है कि देरी से बचने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति के बगैर ही सड़क के गड्ढों को दुरुस्त करना है कंपनी को। रिस्पॉन्स टाइम को कम करना नई नीति का एक महत्वपूर्ण अवयव है। नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी में सड़कों के रख रखाव के लिए 100 पैकेज बनाए गए हैं। अलग-अलग रोड डिवीजन के आधार पर पैकेजों के लिए निविदा होगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद निविदा की प्रक्रिया आरंभ होगी। यह तीसरी रोड मेंटेनेंस पॉलिसी है। नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी की खासियत यह होगी कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व मशीन लर्निंग दोनों तकनीक का प्रयोग रहा।
इसके माध्यम से सड़कों के रख रखाव की मुख्यालय स्तर पर बने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से रियल टाइम मॉनीटरिंग संभव हो सकेगी। एआई व मशीन लर्निंग से युक्त वाहन पूरे सड़क पर घूमेंगे और उसकी तस्वीर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को उपलब्ध हो जाएगी। सड़कों के साथ राज्य उच्च पथों पर बने छह मीटर की लंबाई तक के पुलों के रख रखाव का जिम्मा भी संबंधित क्षेत्र में रोड मेंटेनेंस का काम देखने वाली कंपनी के पास रहेगा। वहीं, अगर पुल की लंबाई छह मीटर से अधिक है तो उसके एप्रोच रोड का रख रखाव इस नीति के माध्यम से किया जा सकेगा।







